उलमा सेल्फ केयर फोरम (USCF) के नियम

शुरुआत

USCF की शुरुआत 7 जुलाई 2026 को हुई। यह फोरम मदरसों, मस्जिदों में सेवा करने वाले उस्तादों, इमामों, मोअज्जिनों और हलाल व्यापार करने वाले उलमा के लिए है।

मदरसों विशेषकर प्राइवेट इदारों के उस्ताद और मस्जिदों के इमामों की कम तनख्वाह की समस्या किसी से छुपी नहीं है। अक्सर उलमा अपनी तनख्वाह से घर की बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं कर पाते। अगर बेटी की शादी का समय आ जाए, या खुदा न ख्वास्ता कोई बड़ी जानलेवा बीमारी लग जाए, या किसी झूठे केस में गिरफ्तारी हो जाए तो परेशानी और बढ़ जाती है। और अगर उनका इंतकाल हो जाए तो बूढ़े माँ-बाप, यतीम बच्चे, बेवा बीवी, भाई-बहन बिल्कुल बेसहारा हो जाते हैं।

इसी परेशानी को कम करने के लिए USCF बनाया गया है। आइए हदीस-ए-मुस्तफा ﷺ “अल-मोमिनु लिल-मोमिनि कल-बुन्यानि, यशुद्दु बा’दुहु बा’दन” (मोमिन मोमिन के लिए इमारत की तरह है, एक हिस्सा दूसरे को मजबूती देता है) की अमली तस्वीर बनें!

(2) तंज़ीम का मकसद

A. इंतकाल पर मदद: किसी एक्टिव मेंबर के इंतकाल पर उसके घर वालों की माली मदद।
B. बेटी की शादी पर मदद: एक्टिव मेंबर की बेटी की शादी पर सभी मेंबर मिलकर मदद करेंगे।
C. कानूनी मदद: अगर कोई एक्टिव मेंबर झूठे मुकदमे में फंस जाए तो कानूनी मदद।
D. सख्त बीमारी पर मदद: अगर कोई एक्टिव मेंबर सख्त जानलेवा बीमारी में मुब्तला हो जाए तो इलाज के लिए मदद।
E. इत्तेहाद: उलमा को जोड़ना और मुश्किल वक्त में साथ देना।
F. मदरसों की मदद: जरूरतमंद मदरसों और दीनी इदारों की मदद।

(3) रुक्न बनने की शर्तें

उम्र: 18 से 60 साल
पेशा: दीनी इदारे का मुदर्रिस, मस्जिद का इमाम / मोअज्जिन या जायज़ तिजारत करने वाला आलिम
रजिस्ट्रेशन: https://uscf.in पर ऑनलाइन
सालाना फीस: 51 रुपये, वापस नहीं होगी

(4) रुक्न की किस्में

A: वेटिंग मेंबर

रजिस्ट्रेशन के बाद 365 दिन पूरा कर रहा है। कोई मदद नहीं मिलेगी।

B: एक्टिव मेंबर

365 दिन पूरे + 90% इमदादी मुहिम में तआवुन जरूरी। चारों मदद का हकदार।

C: इन-एक्टिव मेंबर

पहले एक्टिव था मगर अब तआवुन छोड़ दिया। 3 महीने लगातार तआवुन करने पर फिर एक्टिव बनेगा।

खास रियायत: पहले 1100 मेंबरान रजिस्ट्रेशन करते ही एक्टिव बन जाएंगे, लेकिन बेटी की शादी की मदद के लिए उन्हें भी 365 दिन पूरे करने होंगे।

(5) एक्टिव मेंबर कैसे बनें – लॉक इन पीरियड
A. आम नियम: नया मेंबर जो वेटिंग में है, उसको 1 साल तक यानी 365 दिन तक हर महीने मदद करनी होगी। 365 दिन पूरे होने के बाद ही वो एक्टिव मेंबर बनेगा।
B. 90% वाली शर्त: एक्टिव मेंबर बने रहने के लिए साल भर की 90% मदद में हिस्सा लेना जरूरी है। अगर कोई एक्टिव मेंबर 90% मदद पूरी नहीं करता तो वो इन-एक्टिव हो जाएगा।
C. इन-एक्टिव से वापस एक्टिव: अगर कोई इन-एक्टिव हो गया है तो वापस एक्टिव बनने के लिए लगातार 3 महीने तक मदद करनी होगी, 90 दिन पूरे करने होंगे।
(6) मदद का तरीका
A
मदद की रकम: मदद 50 रुपये से शुरू होगी। महंगाई और हालात को देखकर संस्था रकम को कम-ज्यादा कर सकती है। उदाहरण: अगर 2000 एक्टिव मेंबर हो गए तो 2000 × 50 = 1 लाख रुपये की मदद हो जाएगी।
B
महीने में एक मदद: हर महीने सिर्फ एक केस के लिए मदद मांगी जाएगी।
C
ज्यादा केस होने पर: अगर एक महीने में एक से ज्यादा केस आ जाएं तो बाकी केस अगले महीने आगे-पीछे करके निपटाए जाएंगे।
D
ग्रुप बनाना: जब मेंबर बहुत ज्यादा हो जाएंगे तो संस्था ग्रुप बना देगी। हर ग्रुप बारी-बारी मदद करेगा।
E
जरूरतमंद को पैसा कैसे मिलेगा: हर मेंबर तय रकम सीधा जरूरतमंद एक्टिव मेंबर के वारिस या खुद मेंबर के बैंक अकाउंट में भेजेगा।
F
रसीद अपलोड करना: पैसा भेजने के बाद वेबसाइट पर ट्रांजेक्शन की रसीद अपलोड करना जरूरी है।
(7) मदद की 4 किस्में
अलिफ: इंतकाल पर
शर्त: फआल लाज़मी | नोट: 60 साल बाद मदद नहीं
(7 अलिफ 1) बुनियादी शर्तें – फआल होना, उम्र 60 से कम, 90% हिस्सा
(7 अलिफ 2) रकम – 50 रु फी, मिसाल 2000×50=1 लाख, max 2,50,000
USCF सिर्फ अपील, गारंटी नहीं। 50% भी न करें तो बहुत कम।
(7 अलिफ 3) तरीका
अलिफ: 7 दिन में इत्तिला
बे: दस्तावेज – दर्ज जेल कागजात लाज़मी हैं:
  • डेथ सर्टिफिकेट
  • मरहूम का USCF मेंबरशिप कार्ड / ID
  • वारिस का शनाख्ती कार्ड और बैंक पास बुक
  • नामज़द अफराद की तफ्सील अगर दी हो
जे: 3-7 दिन में तस्दीक
दाल: तस्दीक बाद 50 रु की अपील
हे: हर रुक्न डायरेक्ट वारिस अकाउंट में भेजेगा
वाओ: https://USCF.in पर रसीद अपलोड

(7 अलिफ 4-8) वारिस 2 नामज़द, झगड़ा=फैसला हतमी, शरई तकसीम, गैर-फआल/वेटिंग/खुदकुशी/60+/90% नहीं पर मदद नहीं, ज्यादा पैसा 3 दिन वापसी, हलफनामा, महीने में 1 केस, ग्रुप सिस्टम, फैसला हतमी, गोरखपुर कोर्ट
बे: बेटी की शादी
शर्त: फआल + 365 दिन | पहले 1100 के लिए भी 365 दिन
(7 बे 1) बुनियादी – फआल, 365 दिन मुसलसल, 90%, सगी बेटी, 18+, 60 से कम
(7 बे 2) बहन की छूट – वालिदैन इंतकाल/60+ और बहन जेर-ए-कफालत तो मदद, सबूत: डेथ/उम्र+2 गवाही+इमाम लेटर
(7 बे 3-4) 50 रु फी, max 2,50,000, 1 बेटी आम, बीवी फआल तो दूसरी भी, बहन भी, 2 साल गैप, max 2 (7 बे 5) दरख्वास्त का तरीका
अलिफ: 60 दिन पहले लाज़मी
बे: दस्तावेज – ये कागजात लाज़मी हैं:
  • बेटी/बहन का निकाहनामा / शादी कार्ड
  • बेटी/बहन का आधार कार्ड या बर्थ सर्टिफिकेट – उम्र 18+ सबूत
  • रुक्न का USCF मेंबरशिप कार्ड
  • रुक्न का शनाख्ती कार्ड + बैंक पास बुक
  • 2 फआल अरकान की तहरीरी गवाही
  • महल्ले की मस्जिद के इमाम का तस्दीक़ी लेटर
  • बहन की सूरत में: वालिदैन का डेथ सर्टिफिकेट या उम्र सबूत + जेर-ए-कफालत हलफनामा
  • दूसरी बेटी के लिए अहलिया का USCF फआल कार्ड
जे: 7-10 दिन घर जांच
दाल: 30 दिन पहले अपील
हे: डायरेक्ट रुक्न अकाउंट में
वाओ: रसीद अपलोड
ज़े: 30 दिन में निकाहनामा+2 फोटो लाज़मी
जीम: सख्त बीमारी
शर्त: फआल + मेडिकल रिपोर्ट | जांच बाद मुहिम
(7 जीम 1-2) फआल, 90%, जानलेवा/महंगा, 60 से कम, कैंसर/किडनी/लीवर/हार्ट/ब्रेन/फालिज/एक्सीडेंट, 50k+, पैदाइशी/कॉस्मेटिक/बांझपन/नशा नहीं
(7 जीम 3) 50 रु फी, max 2 लाख, एस्टीमेट कम तो उतनी ही
तआवुन न हो तो 30-40 हजार भी हो सकता है।
(7 जीम 4) तरीका
अलिफ: 15 दिन में इत्तिला
बे: दस्तावेज – ये कागजात लाज़मी हैं:
  • डॉक्टर का लिखा नुस्खा + बीमारी तफ्सील
  • हस्पताल का दाखिला कार्ड / एस्टीमेट
  • रुक्न का USCF मेंबरशिप कार्ड
  • रुक्न का शनाख्ती कार्ड + बैंक पास बुक
  • 2 फआल अरकान की तस्दीक
जे: 5-7 दिन हस्पताल से तस्दीक, झूठी पर हमेशा खत्म
दाल: अपील, हे: डायरेक्ट मरीज अकाउंट, वाओ: रसीद अपलोड
दाल: कानूनी केस – झूठा मुकदमा
शर्त: फआल + जांच | सिर्फ झूठे पर
(7 दाल 1-3) फआल, 90%, झूठा/सियासी/नफरत, 60 से कम, खुद मुजरिम नहीं, शामिल: आतंकवाद/फिरका/मस्जिद/पुलिस/पोस्ट FIR, नहीं: लड़ाई/चोरी/ज़िना/नशा/जमीन, 50 रु फी, max 1,50,000 (7 दाल 4) दरख्वास्त
अलिफ: FIR/गिरफ्तारी के 3 दिन में इत्तिला
बे: दस्तावेज – ये कागजात लाज़मी हैं:
  • FIR की कॉपी
  • गिरफ्तारी वारंट या नोटिस
  • रुक्न का USCF मेंबरशिप कार्ड
  • रुक्न का शनाख्ती कार्ड
  • 2 फआल अरकान की तहरीरी गवाही कि केस झूठा है
  • मकामी उलमा कमेटी का लेटर
जे: 3-5 दिन वकील से जांच
दाल: झूठा साबित पर 50 रु अपील
हे: डायरेक्ट रुक्न/वकील अकाउंट में
वाओ: https://USCF.in पर रसीद लाज़मी
जरूरी वजाहत

इंतकाल के अलावा 3 में लिमिट फिक्स:
  • शादी: 2,50,000 रु
  • सख्त बीमारी: 2,00,000 रु
  • झूठा मुकदमा: 1,50,000 रु
जैसे ही लिमिट पूरी होगी, मदद बॉक्स में USCF के सरकारी बैंक की डिटेल आएगी, बाद का पैसा USCF में जाएगा और “मरकजी इमदादी फंड” में रखकर अगले केस में एकमुश्त भेजा जाएगा। मकसद: तेज निजाम।

इंतकाल में: कोई लिमिट नहीं, 30 दिन तक बॉक्स खुला, जितना जमा सीधा वारिस को, फिर बंद।

नोट:
  • USCF अकाउंट की हर रकम लाइव दिखेगी
  • मरकजी फंड से भेजी रसीद सबको दिखेगी
  • शफाफियत बढ़ेगी, पैसा जाया नहीं होगा
(8) अहम उसूल और शर्तें
  • अलिफ: 60 साल के बाद का उसूल: 60 साल की उम्र होने के बाद अगर रुक्न का इंतकाल हो जाए तो तंजीम मदद नहीं करेगी।
  • बे: खास रियायत: अगर किसी फआल रुक्न (Active Member) ने जिंदगी भर तंजीम का साथ दिया हो और 60 साल मुकम्मल होने की वजह से अब रुक्न नहीं है, और उसकी कोई बेटी ऐसी है जिसकी अभी शादी नहीं हुई, तो तंजीम इस बेटी की शादी में तआवुन करेगी।
  • जीम: खुदकुशी या जुर्म: रुक्न की खुदकुशी या रुक्न की मौत में वारिस के मुजरिम होने की सूरत में इंतकाल वाली मदद नहीं मिलेगी।
  • दाल: गलत रकम वापसी: अगर किसी ने गलती से ज्यादा रकम भेज दी तो सबूत देने पर वारिस वह रकम 3 कारोबारी दिन में वापस करेगा। मदद से पहले हलफनामा देना लाज़मी है।
  • हे: नामज़द अफराद में झगड़ा: रुक्न 2 नामज़द अफराद रख सकता है। झगड़ा होने पर इदारा खुद फैसला करेगा।
  • वाओ: इदारे का फैसला हतमी: तमाम मामलात में जांच और फैसला इदारा खुद करेगा। इसे अदालत में चैलेंज नहीं किया जा सकता।
  • जे: अदालती इलाका: किसी भी कानूनी झगड़े का फैसला सिर्फ जिला गोरखपुर की अदालत में होगा।
(9) गलत तशहीर पर कार्रवाई
  • अलिफ: अगर कोई रुक्न USCF के खिलाफ गलत बात या अफवाह फैलाता है तो उसकी रुकनियत खत्म कर दी जाएगी और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
  • बे: अगर कोई रुक्न इदारे के किसी ओहदेदार से बदतमीजी करे या इदारे के खिलाफ काम करे तो उसकी रुकनियत खत्म की जा सकती है।
(10) सालाना 51 रुपये कहाँ खर्च होंगे
  • A: वेबसाइट, ऐप बनाने और चलाने में।
  • B: दफ्तर के इंतजाम में।
  • C: अमले की तनख्वाह में।
  • D: मरहूम की तस्दीक के लिए।
  • E: फोरम की तशहीर में।
  • F: जरूरत मंद उलमा और मदरसों की मदद में।
  • G: दीनी प्रोग्राम और इदारे के फायदे के कामों में।
(11) राब्ता / हेल्पलाइन
मेंबरान की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर, व्हाट्सएप और ईमेल जारी की गई है।
इन पर राब्ता करके मालूमात और टेक्निकल मदद ली जा सकती है।

Email: ulemacareforum@gmail.com
Mobile: 9120786788

🟢 WhatsApp पर राब्ता करें 📞 Call करें – 9120786788 ✉️ Email करें
USCF “एक के लिए सब, सब के लिए एक” का निज़ाम है।
हर मेंबर महीने में सिर्फ 50 रुपये दे कर किसी आलिम के घर का बड़ा मसला हल कर देता है – चाहे वो इंतकाल हो, बेटी की शादी हो, सख्त बीमारी हो, या झूठा मुकदमा।
जरूरी नोट: जरूरत के मुताबिक इन उसूलों में तब्दीली हो सकती है। वेबसाइट पर मौजूद ताज़ा उसूल ही असल माने जाएंगे।
☜ उलमा सेल्फ केयर फोरम के क़वाइद व ज़वाबित PDF में डाउनलोड करें!